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रविवार, 7 मई 2017

तंदुरुस्त तन्हाइयाँ

स्वागत् है आपका SwaSaSan पर एवम् ....

तंदुरुस्त तन्हाइयाँ

चलती सड़क पर
 सूना सा मेरा  घर
दिलवालों की दौड़
 लगी रहती दिन भर ---
तनहाई बहुत यहाँ
तनदुरुस्त है मगर ---
काश कोई दस्तक हो
कोई आवाज लगाये ---
 पानी माँगने आये
या पता ही पूछ जाये
कोई प्यस ना बुझाये
 रखे ---
 आस ही जगाये!!!
-
#सत्यार्चन
..... अपेक्षित हैं समालोचना / आलोचना के चन्द शब्द...
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