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रविवार, 1 मई 2011

क्यों जलती है कलम

स्वसासन आपकी प्रतिक्रियाओं के स्वागत को प्रतीक्षित है ....
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[ कहीं भी कुछ  भी पसंद आये 
कृपया प्रमोट कीजिये.........  ]
यदि आपके सीने में भी 
एक धड़कता हुआ दिल है
तो जीवन में कभी ना कभी
आपने भी सीने में जलन 
और दिल में लहू की जगह

आग को दौड़ते  हुए 
महसूस किया होगा .
बस ऐसे ही लम्हों में
मेरे दिल में बहती आग
मेरी कलम में दौड़ने लगती है. 
बीते दिनोंकुछ इतनी आग
कलम में इकठ्ठा हो गई
कि  मेरे हाथ में मेरी कलम,
खुद मुझे भी,
एक मशाल कि तरह लगती है .
बस ऐसे ही वक़्त में
निकली आग  है
ये जो आपके सामने है..........

 


{अपनी पसंद के पृष्ठ पर जाइए और
आपके अन्दर की आग प्रतिक्रिया  के रूप में प्रदर्शित कीजिये .
स्तरीय विचार प्रस्तुत  कर्ता को ब्लॉग लेखक मंडल में सम्मिलित किया जाएगा }

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