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रविवार, 6 दिसंबर 2015

गमगीनी की लत

स्वागत् है आपका SwaSaSan पर एवम् ....
है सबसे खराब यारो....
चंद बोतलों को तोड़कर,
शराब से तो निजात है.....
पर जिंदगी निचोड़कर भी
गम छोड़ता नहीं.......
- ‪#‎सत्यार्चन‬

..... अपेक्षित हैं समालोचना / आलोचना के चन्द शब्द...

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