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रविवार, 5 जून 2011

ये ठीक नहीं हुआ माननीय

स्वसासन आपकी प्रतिक्रियाओं के स्वागत को प्रतीक्षित है ....

 माननीय प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह जी ,
जय हिंद !
बीते सप्ताह की तमाम घटनाओं के आप मूक दर्शक मात्र बने रहे ...
ये ठीक नहीं हुआ माननीय !
आपकी सरकार को, बाबा रामदेव २-३ दिन पहले ना बताते,
तो पता ही नहीं था की काले धन के साथ क्या किया जाना चाहिए !
ये ठीक नहीं हुआ माननीय !
भला हो बाबा रामदेव का की उन्होंने आपको २ दिन पहले 
काले धन को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करने का फार्मूला आपको बताया 
और आपके योग्य मंत्रिमंडल ने मात्र २ दिन के विचार विमर्श के बाद 
इस निर्णय पर अमल हेतु समिति बनाने की तैयारी शुरू कर बाबा को सूचित कर दिया !
भला २ दिन पहले सुझाये आइडिया पर इतनी जल्दी अध्यादेश कैसे लाया जा सकता था !!!
बाकी के दो आइडिया भी कमाल के थे बाबा के !
वो भी २ दिन के भीतर मानने योग्य थे तभी तो आपकी सरकार 
भ्रष्ट को उम्रकैद तक देने तक और 
भारतीय भाषाओँ के विकास एवं प्रयोग को बढ़ावा देने हेतु भी तैयार हो गई  !
काश ! बाबा जैसे आइडियाज के धनी कुछ मंत्री भी आपके मंत्रिमंडल में होते !
अथवा 

आप लोग बाबा की 
मांगों की मांगों को भाँपकर १०-१५ दिन पहले ही समिति के गठन की घोषणा कर देते 
[अनशन शुरू होने के पहले तो मान ही लिया ]
तो बाबा से अधिक श्रेय सरकार को मिलता !!!
ये ठीक नहीं हुआ माननीय !
किन्तु आपके साथ साथ भारत का भी दुर्भाग्य है कि
आपकी एक ना चली और आपकी सरकार का पतन सुनिश्चित हो गया !
ये ठीक नहीं हुआ माननीय ! 

कुछ और भी बड़ी बड़ी समस्याएं हैं देश में 
लगे हाथ उनका हल भी श्री श्री रामदेव जी से पूछ लेते ,
चलिए किसी और बाबा से पूछकर 
देश में व्याप्त बेरोजगारी , भूख , भ्रष्टाचार ,मंदी, मंहगाई आदि के हल भी निकलवा लीजियेगा !
कोई और ना मिले तो ये छोटा वाला मनयोगी बाबा ' चर्चित चित्रांश  ' तो उपलब्ध है ही ,
जरूरत पर याद कीजियेगा !
वैसे मनयोगी बाबा को शीर्ष नेतृत्व के परिवर्तन के आसार स्पष्ट दिख रहे हैं !
यदि ऐसा हुआ तो एक स्वच्छ छवि-धारी व्यक्ति का  दुखद पदत्याग होगा !
ये ठीक नहीं होगा माननीय !


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