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शुक्रवार, 25 फ़रवरी 2011

अधूरा मिलन

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अधूरा  मिलन
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रात अनायास तुम
मेरे पहलू में आ गईं
.
मेरे प्रथम स्पर्श से
नववधू सी लजा गईं
.
अधखुली पलकों से
निहारती मेरी ओर
.
कंपकपाते अधरों पर
मेरे चुम्बन को प्रतीक्षित

.
किन्तु तुम्हारा यह समर्पण भी
रहा व्यर्थ मेरे लिए
.
नींद टूटी
स्वप्न भंग
तुम तिरोहित
रात बोझिल
मेरे नीरस जीवन सी .
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